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Friday, August 30, 2019

योग करने से पहले


योग से आज के समय में सभी परिचत हैं । विदेशों में इसके सम्बध में बहुत अधिक जिज्ञासा है। परन्तु इस सम्बन्ध मं लोगों ने अनेक विभ्रम भी पाल रखे हैं कुछ लोग तो इसे एक दर्शन के रूप में ह जानते हैं और कुछ इसे मात्र एक आध्यामित्क सााना विधि मनते हैं अधिकांश लोग इसे एक प्रकार का शारीरिक व्याया म मात्र ही समझते हैं तथा कुछ अन्य इसे असाध्य रोगों की चिकित्सा पद्धति के रूप में मान्यता देते हैं । ये सभी अर्थ योग के विभिन्न पक्षों को उजागर करते है।
Pachimottanasana
योग के विभिन्न पहलुआंे पर अगर गौर करें तो हम पाते हैं योग एक विशाल सागर है जिससे व्यक्ति अपनी-अपनी आवश्यकतानुसार लाभ अर्जित करता है। योग वास्तव में स्वयं प्रकाश आत्मा के स्वरूप  को अनुभव कराने की विद्या है, जिसका वर्णन गीता में ‘‘समत्वं योग उच्यते’’ तथा‘‘योगः कर्मसु कौशलम् ’’ कहकर किया गया है।
वर्तमान समय में योग के लेकर अनेक सवाल हैं जिसे हर यागाभ्यास करने वाले को जानना चाहिए।
आइए जाने वे क्या हैं

योग से पहले क्या खाएं और क्या नहीं ?

अभ्यास से तीन घंटे पहले गरिष्ठ या मसालेदार भोजन न करें । दलिया, खिचड़ी के अलावा पेय पदार्थ भी ले सकते है। सलाद खा सकते हैं।

व्यायाम से पहले क्या किसी प्रकार का वाॅर्म अप करना चाहिए?

आमतौर पर वर्कआऊट से पहले की गई कियाएं असल में योग कियाएं ही हैं जिन्हें वाॅर्मअप का ाम दिया गया है। संम्पूर्ण रूप से इीसे सूचर्य मस्कार कहते हैं । वहीं योगास के अंत में 5-10 मिनट का शवासन जरूर करना चाहिए ताकि शरीर और सभी अंगों को आराम मिल सके ।
योगा क्रियाओं को करने का एक तय क्रम है । क्रम से न करने और आसन करने के दौरान मुद्रा सही  न बनने से शरीर का आकार बिगड़ जाता है। जिसे चोट लगने व पहले से मौजूद तकलीफ बढ़ने की आशंका रहती है।

क्या गर्भवती महिला योग कर सकती है?

इनके लिए विशेष योगासन है जिन्हं विशेषज्ञ की देखरेख में करना चाहिए। योग करें या नहीं, ऐसा महिला के गर्भ में पल रहे शिशु स्थिति और शरीर की अवस्था के आधार पर तय करते हैं । प्रेगनेन्सी के दौरानकिसी भी गलत क्रिया से जटिलता बढ़ सकती है।

कब्ज की समस्या में योग करना चाहिए या नहीं

नहीं ऐसे में योग नहीं करना चाहिए। पेट साफ होना जरूरी है। वजह, योग के दौरान शरीर के चक्र उत्तेजित होने से शरीर पर सकारात्मक असर होता है। इसके लिए मुनक्का दुध के साथ उबालकर, त्रिफला या इसका चूर्ण रोत को लेकर सोएं, पेट साफ होगा।

आफिस में काम करने वाले व पढ़ाई के दौरान छात्र किस प्रकार योगाभ्यास कर सकते है?

मन सुबह शांत व मस्तिष्क एकाग्र रहता है। इस समय योग क्रियाएं फायदेमंद होती है। समय न मिलने पर आॅफिस में या पढ़ाई के दौरानआ चाहें तो गर्दन, हाथ व पैरों के मूवमेंट संबंधी क्रियाएं कर सकते हैं ।

यू ट्यूब में दिखाए जाने वाले योग कितने फायदे मंद हैं?

यू ट्यूब में दिखाए गए योग फायदेमंद हो सकते हैं बर्शते जैसा दिखाया गया है वैसा ही हो । उसमें एक्सपर्ट के बनाए विडियो को आपको अनुशरण करना चाहिए।

क्या योगाभ्यास के
दौरान पानी पीना चाहिए?

अक्सर किसी भी प्रकार के शारीरिक गतिविधि से प्यास लगती है। लेकिन योगाभयास के दौरान शरीर में धीरे -धीरे ऊष्मा बढ़ती है। इस दौरान अगर ठंडा पानी पी लेने से जुकाम, कफ तथा एलर्जी की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे सलाह तो यही दी जाती है कि योगाभ्यास के 10-15 मिनट के बाद ही पानी पीएं ।
क्या योग से वजन कम हो सकता है?
हां, योग के नियमित अभ्यास से शरीर में मौजूद अतिरिक्त चर्बी घटती है। और शरीर लचीला, सुडौल बनता है।
बुजुर्ग कौन से योग कर सकते हैं?
बुजुर्गों में अंदरूनी अंग धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगते है। इससे हार्ट संबंधी रोगों की आशंका बड़ जाती है। शारीरिक क्षमतानुसार कोई भी योगासन कर सकते हैं । यदि किसी बीमारी में हैं तो डाॅक्टर की सलाह पर ही योग करें।

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SARVANGASANA




Saturday, August 24, 2019

Baali in Bastar

 पिछले हफ्ते ही मुझे बकावण्ड ब्लाॅक में ही कुछ जगहों पर जाने का अवसर मिला जहां कुछ अद्भुत नजारे देखने को मिले । सामाजिक कार्यकर्ता असित शेखर नायक के साथ बकावण्ड के धोबीगुड़ा
Baali Festival
 इलाके से होते हुए ग्राम पंचायत उलनार और तारापुर हम पहॅुंचे जहां एक अनोखी परम्परा के बारे में जानकारी मिली जिसे बस्तर में सदियों से मनाया जा रहा है। वह है बाली पूजा यहां बाली त्यौहार भी कहते है।
बस्तर की परम्पराओं और रीतिरिवाजों के बारे में काफी चर्चा मैने अपने ब्लाॅग में पहले भी की है
कृपया इसे भी पढ़े 

खैर बाली त्यौहार के बारे में बताता हूॅं -
ग्रामीणों ने बताया कि यह एक ऐसा त्यौहार है जो एक या दो दिन के लिए नहीं बल्कि पूरे 2 महिने चलता है। और इन दो महिनों में कई धार्मिक कार्य किये जाते है, खास तौर पर पानी में रहने वाले जीवों की पूजा अर्चना की जाती है । और पूरे गांव मंे मेले लगता है। जिसमें आसपास के गांवों के लोग भी जमा होते हैं । सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह त्यौहार अन्य त्यौहारांे की तरह प्रतिवर्ष नहीं होता है।
Bastar Baali
बल्कि प्रत्येक 21 वर्ष के अन्तराल में होता है।

किस प्रकार होता है यह आयोजन

ग्रामीण गांव के एक ऐसे इलाके में जहां अधिक से अधिक लोग जमा हो सकते हैं उस जगह पर लकड़ी के दो बड़े लटठे को जमीन में पास पास मिलाकर जमीन में गाड़ देते हैं और जब 21 वर्ष के बाद ये दोनों लट्ठे आपस से जुड़ जाते हैं तो यह त्यौहार मनाया जाता है। इन दोनों लटठों पर आकृतियां बनायी जाती है जिसे भीमा और भीमिन का नाम दिया जाता है। कुछ जगहों पर इन लटठों को 15 वर्ष में जुड़ते देखा गया है। तो कुछ जगहों पर 21 वर्ष लगते है । 
जब भी आप बस्तर के किसी गांव में जाएं और आपको बाली उत्सव की जानकारी हो तो जान लीजिए यह उत्सव पौराणिक किरदार बाली के लिए नहीं। बल्कि भीमा भीमिन के विवाह के लिए है। 

यह क्यों मनाया जाता है।

उत्सव दो महिने चलता है । सवाल उठता है अखिर कारण क्या है क्यों यह मनाया जाता है ? इसके पीछे कारण क्या है ? जब हमने गांव के कुछ लोगों से पूछा तो मिश्रित जवाब मिले जिनमें प्रमुख हैं

  • गांव के नदी-नाले में रहने वाले समस्त जीव जन्तुओं के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए इसे मनाया जाता है 
  • तो कुछ कहते हैं गांव की तरक्की व खुषहाली के लिए इसे मनाते हैं 
  • तो कुछ ने कहा इसे प्रकृति के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रगट करने का एक प्रयास है क्योंकि प्रकृति से ही हमें सारी चीज़ें मिलती है। 

कृपया इसे भी पढ़े

Bastar Dushhara (Hindi)

Bastar Dushhara ( English)


Saturday, August 3, 2019

Dr. APJ Abdul Kalam

This is the story Wg Cdr Nasir Hanfee (Rtd) Shared on our former president Dr APJ Abdul Kalam. Nasir Hanfee is an ex Indian Air Force Helicopter Pilot and a Veer Chakra Awardee
The excerpts his view on Kalam I am giving you exactly what he wrote. 
APJ Abdul Kalam
27 July was the death anniversary of Dr Abdul Kalam, one of the greatest scientists India was fortunate to have. I can't resist sharing another story. This was back in 1998. Our PSLV missile programme was in full swing. But t was being done clandestinely to avoid detection by US spy satellites. The programme director was Dr APJ Abdul who we did not recognize at that time. The cryogenic engines used were secretly shipped to Chennai port from where they were airlifted by our heavy-lift helicopter...
If this helicopter was to fly straight from Chennai, it would have taken only 2 hours to reach the launch site. But to avoid detection by US satellites, a zigzag route was worked out involving log halts at unscheduled places.  
A 2-hour flight due to this would take us 8 hrs of flying and 8 hours' halt but ensure no detection- a small price to pay
Due to heavy load, our passenger carrying capacity was significantly reduced. We were able to carry only 12 supporting staff from missile programme, including 2 sweepers to sweep and mop the constantly leaking fuel and oil from the cryogenic engine. All 12 names were approved from the highest echelon of the government of India and the director was allowed only to change 2 sweepers if required. 
on the day of our departure, a gentleman with long grey hair approached us " I have missed my flight and I have no choice but to travel with you al because I am required at launch site" We had to refuse him because the names were cleared from high up and we could neither make any changes, nor carry any extra passenger.
Just when we were about to start up, this man came to us running" Captain, the project director has kindly agreed to replace a sweeper with me. Here is authorisation. Please take me on board" The Captain said OK and he jumped on board like a happy child.
Our second half was about 4 hours long. As we were sipping our tea, we saw this sweeping and wiping the floor. We saw some of the senior scientists ran to him and have animated conversation but he continued doing his job.  
One of the scientists then approached the Captain and requested him to order the sweeper not sweep! Sir!  he is our project director. Dr APJ Abdul Kalam and you have to stop him please" We were shell shocked. The Captain approached him but he simply said: " I am travelling in the capacity of a sweeper and no one can stop me from doing my job."
At a loss as to how to deal with this situation, we remained a passive spectator. On our next halt too, he did his duty. His simplicity bold us over. 
We dropped the men and machine at drop site and bid him goodbye.
Many years later I received an invitation from the President's house to visit Mughal GArdens to see how much work he had done on it and judge if he was a better maali(Gardner) or a better sweeper. I sent my regrets as I was out of the country.

I met him after he retired as the President and he remembered the episode.
Tributes to one of the Greatest Indians  I have ever met. 


Thursday, August 1, 2019

Life Skill


This time, I am talking about the fact which a friend of mine had shared. I thought I should share with you too.
Never make the kids a puppet. 
However, I have made little changes that I understand is inevitable. If you disagree with the points mentioned here, please make it point to mention it in the comment box given at the end of the blog.

This is all about our children who remained confined in the school for about 8 hours or so and when they come back we send them again for another 5 hours in the name of various coaching and all.

You may like to read Great Teachers of India


To be frank this is not the kind of upbringing we have planned for our kids. We are actually making them a bookworm who is devoid of life-skill that is the most important ingredient of a happy life. 

Here are some questions which I usually ask  impatient parents
  • Why don’t we want to teach our kids the life-skill and the art of leading a happy and content life?
  • Why can’t we teach our kids art of patience and perseverance without them, the smallest failure leads them to take fetal steps.

I would like to draw your kind attention towards primary education of children in New Zealand that teaches basic life-skill in the primary education itself. System of primary education in New Zealand stands among 20 best one across the globe that impart the best education to pre-primary and primary kids.

Let’s check out what is special about its education system


  • Kids are here taught how to defend themselves when a fire accident takes place.  
  • They are taught how to remain survived in water or save someone from getting drowned
  • Fire and safety officer keep visiting the school to teach them how to deal with an adverse situation like fire accident. Children are taught to be calm and composed during the adverse condition and overcome the fear during the hour.
  • They are taught to form a human chain and how human-chain can help to save people. They are taught about the importance of self –control until the rescue team approaches them.
The points mentioned above are all part of their syllabus.

What is life-skill?


Any skill that is useful in your life is considered as a life skill. This will help to make the most of your life.
We are unable to teach our children the life skill in our country. Our kids are unable to face the challenges and only see the incident happen. That we have seen in the recent fire accident when the fire broke out in a coaching centre in Surat in Gujart. 

What to do when a fire accident takes place?


A fire accident can take place anywhere and I understand every citizen should know about the fire safety measures at least the use of fire extinguishers. This would happen when we teach our kids right from the beginning.  Even parents begin to teach the children first at home. The THREE –G rules during fire accident like “Get down, Get Crawl and Get out”

As per the basic rule of fire safety measures when fire breaks out  it moves upwards in such situation the victim should Get Down and walk on their knees then GET OUT finding some ways to move out like window.

That’s what some students did in Surat at the fire accident. However, they escaped from being burnt but they did so in haste which brought about the heavy casualty.

We couldn’t teach them that with the help of the rings of the bike in the hands they can convert the two jeans into a rope. Jeans clothes are counted among the world’s strongest garments. It can make them descend from the top safe and sound. Had they jump off one-by-one multiple injuries could have been averted and the crowd on the ground had been able to catch them easily. Well, this incident has left us in rethinking about the measure of self- protection.

A man who was acting patiently in the hour did his best and was able to save two girls but the other one was scared and lost her life eventually.

I recall my father who used to say when you are trapped in fire take off your upper garment as it catches the fire easily and brings about the serious burnt injury. Never think what others might say during this hour. By doing so, you can escape from being burnt. 
Similarly, when you are getting drowned, have patience and hold your breath then take off lower garments as it can make your body heavy.  When it is the question of your life never think of what others say, on the contrary, think of what you can do.

Duty of parents


These are the certain basic points which I understand parents and schools should teach first to their kids. Every household should have a fire and safety measures and the members of the family should know how to operate it. I don’t know when the schools and the parents will start teaching such things to their kids. I think schools should take initiative first but they are making bookworm rather than the people full of such life skill.

I regret deeply to think about those who couldn’t save their life in the fire accident in Surat. However, I think of those who are alive and can land themselves in such trouble again. That’s the reason I know generation should be taught the life skill first rather than academic knowledge.



I quote a story of a scholarly figure that was crossing the river on a boat with all his academic knowledge and cursing the boatman for not going to school in his entire life. He was boasting about his knowledge in the book when a sudden -storm jolted the boat which couldn’t save his life as the man was devoid of life skill and didn’t know how to swim. While the boatman who knew the art of swimming which saved him from getting drowned. 
We are simply teaching the facts written in the book like the man with full of bookish knowledge without the art of life.
We need to educate our children life skill as well along with academic knowledge in this way we will be able to create a well-settled and balanced citizen.   

I am sure you would love to read about BASTAR DUSHHARA.
  

Please read the entire blog in Hindi by clicking the link given below 



Sunday, July 28, 2019

Democratic Government in Indian Context


Democracy has been regained after a great many sacrifices and struggles. The USA became the first democratic nation. In India, democracy dawned with the coming of independence, although it came into effect after India became a Republic in 1950. Saudi Arabia gained democracy in 2011. 
India is the largest democracy in the world. It has a democratic set-up, i.e., the government is elected by the people and is answerable to the people.
Election Manifesto 
The head of the state is the President, who is elected indirectly by the people. The citizens of India choose their representatives, who, in turn, constitute the Electoral College which ultimately elects the President. Elections are the pillar of democracy.

India has a multi-party system, i.e., a large number of parties exist within the system, which competes with each other in the elections. Countries like the United Kingdom and the United States of America have a two-party system. As the name implies, such a system allows only two political parties to exist. The party which wins the elections forms the government; the ordering party forms the opposition.

Role of the Opposition


The role of the opposition is to keep a check on the government and their policies, to ensure that they do not misgovern or become despotic. If the people are not happy with the party they have voted into power, they can devoid it of power by voting against it in the next election. The other party then gets a chance to fulfil the wishes of the people.
DEMOCRACY     
As said in the previous chapter, democracy means ‘a government of the people, by the people, for the people’ India follows a representative form of democracy. In this form, the people choose their representatives, who in turn, run the government on their behalf. The common man has the right to elect his representative. All adults in a democratic country have the right to vote. 

This is known as the Universal Adult Franchise. In India, a person above 18 years of age can cast vote. The important features of Indian democracy is:

1.  The written Constitution

3.  Political Parties
4.  Elections
5.  Public Opinion
6.  Special interest Groups
7.  The media (the fourth Estate)- a very powerful check on misrule.
Why are elections important? In a democratic country like ours, elections are the key components of equality and justice. They are essential for a healthy democracy.

Elections are important because:
1.  It helps us to keep a check on our leader at regular intervals.
2.  It helps us to select the most appropriate candidate for the decision-making process.
3.  It is not physically possible for the whole population to sit together and take decisions. Even if everyone sits together, they may not have the required skill, knowledge and expertise to make the decisions.
4.  Time is also required to take such decisions.

Qualification of a candidate for election

India is a democracy where the principle of Universal Adult Franchise operates. Any citizen who is 18 years of age and above can vote, irrespective of caste, creed, colour or gender. The qualification of a candidate to stand for elections, as laid down by the Constitution should be:
1.  He/she should be a citizen of India.
2.  He/she should not be less than 18 years of age.
3.  He/she should not be a lunatic, bankrupt or a traitor to the country.
4.  He/she should not have been convicted for any serious crime.

HOW IS GOVERNMENT FORMED?
 A political party comes into being when people with similar ideologies come together. A political ideology is a set of preconceived ideas about what the best political system is and the best way to govern it.
AAP Electoral Manifesto
AAP Election Manifesto 
The candidates who contest an election are chosen by the respective political party. People who do not believe in the ideology of any political party, contest alone. They are known as Independents. A party chooses a candidate on the basis of his or her ability, commitment to the people of the particular area and loyalty to the party.

Prior to elections, a political party prepares a document listing various policies and programmes which the party would take up if elected power. This is known as a party’s manifesto.

Elections in India, covering both Central and state governments, are held at intervals of five years. After the last day of voting is over, the party which wins the majority of seats in the legislature forms the government.
In case a party does not achieve an outright majority the sole right to form the government, two or even more parties join hands to form a government. This is known as a coalition government.
The process of regular elections helps keep a check on the leadership and governance of the country. The policy-making for the country is basically in the hands of the people. They have an indirect say in the changes to be brought about, i.e., through their elected representations. When a particular political party loses an election, it is a direct reflection of the public’s negative opinion about the functioning of that party. Thus, they want a better government.
The principles of freedom of expression, equality, liberty, freedom, fair election, the participation of masses, etc. work best in a democracy. The need to establish the link between the government and the governed is very crucial. Through the electoral system, the people participate in the decision-making process.


Sunday, July 21, 2019

The Government of India.


The blog aims at giving a brief introduction of the Government that function in India
However, the points I have discussed here are being taught in CBSE schools across the country. The Points discussed here are given below:
Parts of Parliament
Organs of Parliament

Government

Need for a government
Role of government
Forms of government

The word “government is derived from the Latin word “gubernre” meaning “to govern  or to manage”                                
A type of government, which follows the rule of law, is called a Nomocracy. It comes from the Greek words nomos (Law) and Kratos (power or rule). The phrase can be traced back to the 17th century, which was popularized by the 19th-century British jurist A.V. Dicey. Rule of Law actually implies that every citizen is subject to the law. However, it stands in contrast to the idea that the ruler is above the law by divine right.
                   
Imagine there is a chaotic situation on the main road that crosses your area, as people are not following the traffic rules and regulations, which are implemented. Now, the question arises why rules and regulations are important. These rules and regulations should be implemented by someone, like the traffic Police, who is actually the authority with a certain amount of power in that locality. Here, the traffic Police is the agent of the government to maintain law and order on the road. So, the traffic Police, on behalf of the government, takes care of the situation.

To read about Gram Sabha. Please click the Link below:-
 What is Gram Sabha

GOVERNMENT

 The government is a political body which administers a state/country. The functions of a government are:
To maintain law and order in the country,
To formulate policies for the country and
To work for the welfare of its people

NEED FOR A GOVERNMENT

                             Man is a social animal. He has always tried to organise himself into groups or communities with some established rules of living. This is what we call a society. In a society, we all are guided by some laws. In this context, we can mention Aristotle’s view that ‘Laws should governn’. There are certain rules of law which are to be followed in society. Now, in order to live in that society, somebody has to manage the affairs of the society. That is why we need a government. The role of the government is very crucial in all spheres of modern society.

In a country like India, it becomes difficult to include every individual into the law-making process of the country.
New Delhi, Parliament House
Parliament House
To manage the affairs of the society, a structured body is required which acts as a representative voice of the individuals. This body comes to form the government. Government acts as a mediator or a decision-making body and help to resolve the differences in opinions created in society.
Government- Institution which makes rules and takes political decisions.
Society- people living in organised groups of communities.

How does the government work?
 Today, we hail India as one of the largest and vibrant democracies of the world. Our country has been praised for the rule of law and democratic freedom which are being enjoyed by her citizens. India has a body of laws to deal with various subjects, rules and regulations, executive instructions and conventions. These can be broadly termed as law and their operations with respect to the citizen are the rule of law. India is a classic example of a modern nation-state. She has managed to stay within the confines of the democratic framework. All the rules and regulations by which she functions are written down in the constitution. A constitution provides the basis for the functioning of the government.

A constitution is the system of laws and basic principles by which a state, a country or an organization is governed. With the help of these laws, power and authority get distributed in a country. Every governing institution must abide by the provisions of the constitution.

There are several types of the constitution like written, unwritten, rigid and flexible. The constitution has certain fundamental principles that deal with conflicts. Constitutions of USA, Canada, France and India are written. While the Constitution of the United Kingdom is unwritten.
All written constitutions are rigid. The consent of the centre, as well as the state, is required to make amendments to the constitution. The constitution of the USA is one such example.
The constitution which can be changed or amended easily is known as a flexible constitution. It can be amended by existing law-making procedures. The constitution of the UK is one such example.
The constitution of India is partly rigid and partly flexible.

ROLE OF THE GOVERNMENT
The Government plays a crucial role in the lives of the people by taking some important decisions. In a family when two children quarrel, it is either the father or the mother who steps in to stop the quarrel. The parents take decisions on behalf of the children. Similarly, the government works for the welfare of the people in a country and acts as a guardian.
The government provides leadership to the country, by taking decisions on behalf of its citizens. The Government performs several functions, such as protects the boundaries of the country, maintains law and order and creates infrastructure, like roads, rails and bridges so that development can take place. Even during natural calamities and emergencies, the government works round the clock to ensure safety for the affected people. It tries to maintain good relations with its neighbouring countries by cooperating with them.
FORMS OF GOVERNMENT
Different countries adopt different methods of functioning. They have different forms of governments which govern them depending on their policies, development aspect, political issues, etc. the various types of government existing in the system are:
1.    DEMOCRACY
The word Democracy has been derived from two Greek words, demos, meaning ‘people’ and Kratos, meaning ‘authority of the people’. The democratic government follows the principle, ‘Of the People, By the people and for the people’. The government is elected by people who vote for them. Therefore, it is a direct choice of the public. In a democracy, the citizens have the right to participate in the process of the government. Everyone is equal before the law. The government is accountable to the people.
2.    AUTOCRACY
In an autocracy, the powers are concentrated in the hands of a certain few. These can be a group of people, an individual, a particular class or a political party. The authority who exercises the power cannot be questioned. The people do not have the freedom to choose their representatives which, in turn, becomes an oppressive form of governance. Military rule is an example of autocracy, where the power is concentrated in the hands of the military officer who determines the functioning of the state. North Korea and Fiji are examples of countries under military rule.

DIFFERENT TYPES OF GOVERNMENT


3.    PARLIAMENTARY
In a parliamentary system, the Executive and Legislature work in coordination with each other, i.e., the powers of both the organs are mixed. Another feature of a parliamentary government is that the head of the state is different from the head of the government. In a parliamentary setup, the head of the government is the leader of the political party which has gained a majority in the legislature. At times, when a single party cannot muster up the desired majority, a number of parties come together to form a coalition government. India and Great Britain are the best examples of a parliamentary form of government.

4.    PRESIDENTIAL
In a presidential form of government, the executive and legislature are independent of each other. This is called the separation of powers. Unlike a parliamentary government, where the head of the government is responsible to the parliament, the elected president is neither responsible to the parliament nor he/she is a mother of the parliament. The United States of America is an ideal example of a presidential form of government.
The parliamentary system exists in both republics and monarchies. It is made up of politicians from different political parties. Here the government is comprised of the Prime Minister and the Cabinet Ministers.

5.    UNITARY
When a single central government looks after the whole nation, it is known as a unitary form of government. In a unitary form of government, the central government performs the duties of both the executive and the legislature. China is an example of such a kind of government.

6.    FEDERAL
In a federal government, the powers are divided in a tier structure, i.e., it is divided between the centre and the states. In such a situation, the laws passed by a central government is applied throughout the country and the laws passed by a state government is applied only to the state.

Wednesday, July 3, 2019

ग्राम पंचायत Gram Panchayat

ग्राम पंचायत


73 वां संविधान संशोधन के बाद पंचायती राज में ग्राम पंचायत स्वशासन और विकास के लिए पहली कडी है। एक पंचायत के लिए जरूरी है कि गांव की आबादी कम से कम एक हजार हो आगर गांव की आबादी एक हजार नहीं है तो एक से ज्यादा गांव को मिलाकर ग्राम पंचायत अपनी पहली बैठक के लिए तय की गई तारीख से पांच साल तक के लिए बनी रहेगी।

प्रत्येक ग्राम पंचायत में वार्डो की संख्या कम से कम 10 अधिक से अधिक 20 होगी।
प्रत्येक वार्डो की जनसंख्या लगभग समान होगी।
प्रत्येक ग्राम पंचायत चुने गये पंचों तथा सरपंचों से मिल कर बनेगी।
ग्राम पंचायत में एक सरपंच तथा एक उपसरपंच होंगे। पूरी पंचायत के लिए सरपंच का सीधे चुनाव होगा और पंच के लिए प्रत्येक वार्ड से एक सदस्य का चुनाव होगा। चुनाव के बाद चुने गये सरपंच और पंच मिलकर एक उप सरपंच का चुनाव करेगें।
ग्राम पंचायत सभी की सहमति से निर्णय करेगी। अकेला सरपंच कोई निर्णय नहीं करेगा। सभी वार्डो के पंचों की भागीदारी से पंचायत के काम काज किये जायेगें।

प्रत्येक ग्राम पंचायत की हर महिने बैठक होगी जिसमें ध्यान रखना होगा कि-

1. ग्राम पंचायत की मासिक बैठक की अध्यक्षता सरपंच करेगा सरपंच की अनुपस्थिति में उपसरपंच अध्यक्षता करेगा। दोनों की उपस्थिति न होने पर उपस्थित सदस्यों में से कोई भी तय सदस्य बैठक की अध्यक्षता करेगा।
2. बैठक का कोरम तभी पूरा होगा जब कम से कम आधे सदस्य उपस्थित हो अन्यथा बैठक नहीं होगी।
3. यदि किसी विषय को लेकर सदस्यों में एक मत नहीं हो रहा है तो अध्यक्ष के मत से फैसला होगा।
4. ग्राम पंचायत की हर बैठक की कार्यवाही रखने के लिए एक बैठक रजिस्टर होगा जिसमें पंचायत सचिव कार्यवाही लिखेगा।

पंचायत की जिम्मेदारियां



ग्राम सभा ऐसी संबैधनिक इकाई है जहां समुदाय खुद ही अपनी समस्याओं और सामाजिक विषय से जुडे हुए मुद्दों पर निर्णय लेती है। समुदाय ग्राम सभा के रूप में हमेशा नहीं एकत्र होती अतः ग्रामसभा के निर्णय और फैसलों को लागू करने के लिए ग्राम पंचायत को बहुत से अधिकार और शक्तियां दी गई है।



ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी है -


नियोजन और ग्राम विकास 

  • वह अपने गांव या गांवों के आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय को ध्यान में रखकर योजना बनाए।
  • वह यह सुनिश्चित करें कि ग्राम सभा ने जो भी फैसले लिये हैं वह क्रियान्वित हो रहे हैं।
  • ऐसी संस्थाओं पर ग्राम सभा के सुझाव व निर्देश के अनुसार नियन्त्रण जिन्हें शासन ने ग्राम पंचायत को सौंपा है।
  • वह पंचायत क्षेत्र में लागू की जाने वाली सभी योजनाओं, इन योजनाओं के संसाधनों और योजना पर होने वाले खर्चों पर ग्राम सभा द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार नियन्त्रण रखे।
  • वह केन्द्र सरकार, राज्य सरकार, जिला पंचायत तथा जनपद पंचायत से प्राप्त होने वाले कार्यक्रम और योजनओं को ग्रामसभा के सुझाव तथा निर्देश के अनुसार लागू करें।
  • वह अपने पंचायत क्षेत्र के समस्त प्राकृतिक संसाधनों पर ग्रामसभा के सुझाव और निर्देश के अनुसार नियन्त्रण बनाए रखें।


सामाजिक जिम्मेदारी 

  • जनसाधारण में जागरूकता बढाना व सामुदायिक स्वामित्व की धारणा को बढाना।
  • निर्धन व्यक्ति या उसके परिवार के सदस्य के अंतिम संस्कार में मदद करना।
  • सामुदायिक कार्य के लिए स्वैच्छिक श्रम और सहायता के विचार को आगे बढाना तथा इसकी व्यवस्था करना।
  • कांजी हाउस की स्थापना।
  • युवा कल्याण, परिवार कल्याण तथा खेल कूद को बढावा देना व व्यवस्था करना।
  • जन्म, मृत्यु और विवाह के अभिलेख (दस्तावेज) रखना।


सहयोग की जिम्मेदारी


  • जनगणना कार्य में सहयोग, बीमारी व महामारी के रोकथाम में सहयोग, टीका लगाने में सहयोग करना, मनुष्य तथा पशुओं की सुरक्षा के उपाय लागू करने में सहयाता।


सफाई तथा स्वच्छता से जुडी जिम्मेदारी?

  • पानी की आपूर्ति, शव, पशु शव आदि के अंतिम संस्कार स्थल की व्यवस्था।
  • लावारिश शवों को ठिकाने लगाना, कचरा इकटटठा करने की जगह, मांस की बिक्री की देखरेख तथा नियंत्रण, सार्वजनिक कुआं, तालाबों का निर्माण व मरम्मत, स्वच्छता, सफाई तथा गंदगी दूर करना।
  • नहाने धोने तथा पशुओं के पीने की जगह का निर्माण।
  • संडास, नाली आदि का निर्माण व देखरेख।


बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी

  • सार्वजनिक स्थानों पर प्रकाश, गांव के रास्तों का निर्माण
  • ग्रामीण सडक, पुलिया, पुल, बांध आदि को बनाना व उनकी सुरक्षा। 
  • जीवन तथा संपति की सुरक्षा के लिए काम, बुनियादी सुविधाओं की योजना बनाना व प्रबंधन।


ग्राम पंचायत के अन्य काम

इन कामों के अलावा भी ग्राम पंचायत को कुछ काम दिए गए हैं- जैसे गांव के भीतर आने वाले तालाबों या दूसरे जल निकायों की देखरेख। कृषि तथा सामाजिक वानिकी को बढावा देना, वृक्षारोपण तथा पंचायत के वनों की सुरक्षा तथा उन्हें बढावा, मछली पकडने या दूसरे वाणिज्य और छोटे तालाबों के उपयोग को नियंत्रण हितग्राहिता मूलक योजना का नियंत्रण करना व मानिटरिंग। विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के लिए हितग्राही चयन करना। ग्राम सभा के भीतर लागू होने वाले विकास की स्कीम और निर्माण के काम को लागू करना और इस पर नजर रखना।

सामाजिक कल्याण की जिम्मेदारी


निशक्त तथा निराश्रित लोगों की सहायता करना, दहेज जैसी सामाजिक बुराइ्र्र को दूर करना। गंभीर तथा आपातकाल से जुडे मामले में गरीब आदमी की चिकित्सा के लिए सहायता करना। छुआछूत मिटाना, बाल विवाह को रोकना, अनुसूचित जाति, अनूसूचित जनजाति तथा पिछडा वर्ग की दशा सुधारने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यक्रमों को लागू करना।


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"ग्राम सभा "

ग्राम पंचायत के सरपंच के उतरदायित्व


ग्राम पंचायत सरपंच के रूप में चुने गये व्यक्ति के द्वारा निम्नलिखित उत्तरदायित्व का निर्वहन किया जाएगा, जो नियमों के द्वारा उसे दिये गए हैं 
  • आयोजित बैठकों की अध्यक्षता करना तथा चर्चा के विषयों में भाग लेना। 
  • अनुसूचित क्षेत्रों में सरपंच अध्यक्षता नहीं कर सकता।बैठकों में लिए गए निर्णयों को लागू करना तथा समय-समय पर इन कार्यो की प्रगति से सदस्यों को अवगत करना।
  • अधिनियम के द्वारा सौंपी गई समस्त जिम्मेदारीयों, कार्यों को संचालित करने के उत्तरदायित्व को पूर्ण करना।
  • जनपद पंचायत, जिला पंचायत एवं जिला प्रशासन से उचित तालमेल व सहज सम्पर्क स्थापित करना।
  • ग्राम पंचायत क्षेत्र के समग्र विकास के लिये प्रयास करना तथा आवश्यक होने पर इस संबंध में ग्राम पंचायत की बैठक में प्रस्ताव रखना।
  • ग्राम विकास की योजनाओं को बनाना उन्हें लागू करना तथा समय-समय पर इसकी प्रगति को देखना।
  • ग्राम पंचायत में अधिनियम के अनुसार गठित समितियों की गतिविधियों पर नियंत्रण रखना तथा इनके कार्यों पर निगाह रखना।
  • विभिन्न विभागों के शासकीय कर्मचारियों तथा उनके द्वारा ग्राम पंचायतों में किये जाने वाले कार्यों पर नियंत्रण रखना।
  • सचिव को समय-समय पर मार्गदर्शन करना।
  • धर्म/जाति के आधार पर कोई भेद-भाव नहीं करना।
  • गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले निर्धन व्यक्तियों के उत्थान के लिए प्रयास करना
  • साक्षरता के प्रसार के लिये कदम उठाना।
  • पंचायत एवं शासकीय धन राशि का सही हिसाब-किताब रखना तथा उसके व्यय में पूरी ईमानदारी बरतना।
  • किसी भी अभिलेख दस्तावेज पत्र पंचायत की कार्यवाही विवरण चेक आदि पर हस्ताक्षर करने के पूर्व यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उसमें लिखी बात सही है।

ग्राम पंचायत के सरपंच को ग्राम पंचायत के प्रमुख होने के नाते उन समस्त अधिकारों एवं दायित्वों को पूरा करना होगा जो अधिनियम के द्वारा या ग्राम पंचायत के प्रस्तावों के द्वारा किन्हीं नियमों के अन्तर्गत उसे सौंपे जाते हैं।





उप सरपंच तथा पंचों के अधिकार एवं उत्तरदायित्व

उप सरपंच अपने वार्ड का प्रतिनिधि होने के साथ-साथ ग्राम पंचायत का उप सरपंच भी होता है उनके द्वारा सरपंच की अनुपस्थिति में वे सभी कार्य किये जायेंगे जो विधि द्वारा सरपंच को दिये गए हैं। उप सरपंच का यह भी दायित्व है कि वह ग्राम विकास के समस्त कार्यो के सम्पादन में सरपंच का सहयोग करें और आवश्यकता के अनुरूप सरपंच को भी मदद करें।

यदि किसी कारण वश सरपंच के द्वारा अपना पद त्याग दिया जाता है या उसे पद से हटा दिया जाता है तो उस स्थिति में उपसरपंच को सरपंच का दायित्व सौंप कर जब तक नये सरपंच का पद नहीं भरा जाता है तब तक कार्य चलाने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। (घारा 18 एक)

धारा 48 के अनुसार नियम द्वारा विहित की गई पंक्तियों एवं कार्यो का पालन तथा संचालन उप सरपंच द्वारा किया जायेगा।


पंच के कर्तव्य एवं दायित्व


ग्राम पंचायत क्षेत्र में चल रही विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों तथा कार्यक्रमों की जानकारी को प्राप्त करने का कर्तव्य पंच का होगा।
ग्राम पंचायत की बजट की जानकारी प्राप्त करना।
ग्राम पंचायत की बैठक में कार्यसूची के किसी भी विषय पर जानकारी लेना और सुझाव देना।
यदि किसी विषय पर निर्णय लेने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर मतदान की आवश्यकता होती है तो अपना निष्पक्ष मत देना।
जिस वार्ड का वह प्रतिनिधि है उसके बहूमुखी विकास के लिए प्रयास करना।
अपने वार्ड की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत की वार्षिक योजना में उन कार्यों को शामिल करवाने के लिये प्रस्ताव देना।
शासकीय अधिकारियों/अमले से आवश्यक सहयोग प्राप्त करना तथा आवश्यक सहयोग देना।
ग्राम पंचायत की बैठक के लिये कार्य सूची में शामिल किये जाने के लिए सरपंच के सुझाव व विषयों में मत देना।
ग्राम पंचायत के सरपंच या उपसरपंच की अनुपस्थिति या उसके अपने पद पर न होने की स्थिति में ग्राम पंचायत की बैठक के लिए अध्यक्ष को चुनना।
सरपंच एवं उपसरपंच को उनके कार्यों के संचालन में सहयोग करना एवं सहायता करना।
ग्राम पंचायत की गतिविधियों पर निगाह रखना और यदि कहीं पर कोइ्र भी अनियमितता हो रही हो तो उसकी ओर ग्राम पंचायत के सरपंच व सचिव का ध्यान आकर्षित करना।
सामाजिक कल्याण एवं आर्थिक विकास से संबंधित योजनाओं की जानकारी के प्रचार-प्रसार में सहयोगी होकर अधिक से अधिक व्यक्तियों/परिवारों तक इस जानकारी को पहुंचाने में सहयोगी होना।