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Sunday, July 29, 2018

Kadaknath Chicken and its Values

सौ बीमार एक कड़कनाथ मुर्गा ?  

                 
Kadanath Chicken (Photo-Abhishek Thakur)
टाइटल देखकर आपका चौकना स्वाभाविक है, यकीन मानिए दंतेवाडा जिले में कड़कनाथ मुर्गे को लेकर होने वाली चर्चा में यही निकल कर आया / 
कड़कनाथ मुर्गा (फोटो - अभिषेक ठाकुर )
     अपने दंतेवाडा प्रवास के दौरान मुझे कुछ फोटोग्राफर से मिलने का  अवसर  मिला जिन्होंने मुझे कड़क नाथ नामक मुर्गे की जानकारी दी, 

हालाँकि दंतेवाडा में एसी बहुत सी बातें है जो इस क्षेत्र को खास बनाती है  – एक तो यह है कि यह जिला राज्य में पहला एसा क्षेत्र है जहाँ बीपीओ केंद्र की शुरुआत की गयी है और जावांगा में विशाल पैमाने पर कॉल सेंटर वर्तमान में चल रहा है /










दंतेवाडा मंदिर (Photo -Abhishek Thakur
दूसरा यह कि दंतेवाडा क्षेत्र में एतिहासिक महत्व की कई भवनें है जो इस क्षेत्र को अन्य से अलग करती है जिसमे 500 साल पुरानी दंतेश्वरी देवी का मंदिर भी शामिल है / शायद यही वे बिन्दुएँ है जिसके कारण देश के प्रधान मंत्री इस छोटे से क्षेत्र में दो बार पधार चुके है , हाल ही में राष्ट्रपति महोदय का भी आगमन हुआ था/ खैर, इन बातों को दरकिनार कर मै अपने पॉइंट पर आता हूँ /

यहाँ एक और वजह मै समझता हूँ जिसके कारण यह जिला सबकी आँखों में है – यह क्षेत्र बेशुमार वनस्पति एवं जीव जंतुओं के लिए जाना जाता है, और सबसे खास बात यह है कि  पूर्वी मध्य प्रदेश के धार व झाबुआ जिले का प्रसिद्ध कड़कनाथ मुर्गे का यह ब्रीडिंग केंद्र बन चूका है जिसकी मांग मासहरियों के बाज़ार में अत्यधिक है/
हीरानार  में कड़कनाथ दाना चुगते हुए
(Photo -Abhishek Thakur)
सभी मासाहारी बड़े ही चाव से इसका स्वाद लेते है /
प्रस्तुत ब्लॉग में मैं कड़कनाथ मुर्गे  की जानकारी आप तक पहुचने का प्रयास कर रहा हूँ / शुरू करने से पहले मै शुक्रगुजार हूँ अंचल के फोटोग्राफर अभिषेक ठाकुर का जिन्होंने मुझे इन जानकारियों से अवगत कराया साथ ही कुछ फोटोज मुझे दिए जिसे मैने  ब्लॉग में उपयोग किया है /

क्या खास बात है कड़कनाथ मुर्गे की प्रजाति में –


देखने में यह काले रंग  का दिखने वाला यह मुर्गा अनेक औषधीय गुणों से भरपूर है –वैज्ञानिक रिसर्च बताते है कि  इसके मांस में ब्लड सेल और हिमोग्लोबिन बढाने वाले कारक मौजूद होते है /
कड़कनाथ अंडे 
फेफड़े सम्बन्धी रोग में इसका उपयोग काफी गुणकारी होता है / प्रसव के बाद होने वाली जटिलताओं के लिए भी कड़कनाथ का मांस उपयोगी है /


सिरदर्द, अस्थमा गुर्दे की बीमारयों से लड़ने का गुण होने के कारण कड़कनाथ का अंडा लाभकारी होता है / और आगे रिसर्च बताते है की इसके मांस में  B1, B2, B6,  B12 E प्रोटीन फैट कैल्सियम फास्फोरस , आयरन , नैकोतेनिक एसिड होता है
इसका मांस जीरो कोलेस्ट्रोल तथा फैट से भरपूर है जो इसकी सबसे महत्वपूर्ण खूबी है/ 


इसकी बनावट: 

कड़कनाथ की बनावट की बात करें तो यह पूर्णत काले रंग का होता है , इसके चोंच से लेकर पैर तक सब काले रंग लिए होते है , मांस भी इसका काले रंग का होता है / मादा का वजन जहाँ 1.8 किलो का होता है तो नर का वजन 2.5 किलोग्राम  तक होता है / 
नोटिस बोर्ड 
 


अंधाधुंध इसका उपयोग होने के कारण एक समय में सुलभ होने वाला कड़कनाथ अब दुर्लभ हो गया है और राज्य सरकार ने दंतेवाडा के हीरानार में जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत 3. 40 लाख की लागत से कड़कनाथ कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र शुरू किया है /
जिसमे कड़कनाथ प्रजाति के रख रखाव एवम ब्रीडिंग को लेकर कार्य किये जा रहे है /

मेरे इंग्लिश ब्लॉग के लिए कृपया क्लिक कीजिये 
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4 comments:

  1. वाह !!! यह हम सभी के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी है। धन्यवाद आपके मूल्यवर्धन ब्लॉग के लिए ठाकुर जी।

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  2. Interesting and valuable information

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    1. धन्यवाद ! मुझे उम्मीद है आप मेरे अन्य ब्लॉग पर भी अवलोकन करेंगे

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